पूर्व निदेशक
Prof.P.D.Bhavsar

प्रो. पी.डी. भावसर


1985-1986 के दौरान, प्रो भावसार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की एक संघटक इकाई अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक और भारतीय सुदूर संवेदन उपयोगिता कार्यक्रम के भी निदेशक रहे। उन्होंने कॉस्मिक किरणों, सौर प्रोटॉन, ध्रुवीय और ध्रुवीय एक्स-रे, एक्स-रे खगोल विज्ञान और ऊपरी वायुमंडल की गतिशीलता के अध्ययन में अनुसंधान किया और योगदान दिया । वे उच्च तुंगता गुब्बारा से जुड़े रहे जिसने पहली बार सौर प्रोटॉन का पता लगाया था ।

उन्होंने उस टीम का नेतृत्व किया, जिसने भारत में पहला रॉकेट परीक्षण किया और भूमध्य क्षेत्र में तटस्थ वायुमंडलीय हवाओं का मापन किया। वे 1962 से भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद के संकाय सदस्य रहे हैं। इससे पहले वे 1958 से 1962 तक कॉस्मिक रे समूह के सदस्य और मिनेसोटा विश्वविद्यालय, मिनियापोलिस, संयुक्त राज्य अमरीका के संकाय सदस्य थे। वे समन्वयक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (1967-1975); प्रधान, अंतरिक्ष भौतिकी प्रभाग, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र, इसरो, त्रिवेंद्रम (1968-1974); वैज्ञानिक सचिव, इसरो (1973-75) तथा सदस्य, इसरो परिषद (1973-1975) रहे। वे सदस्य, आकाशवाणी कार्यक्रम सलाहकार समिति, अहमदाबाद (1966-1970), सदस्य, वायुमंडलीय विज्ञान और वैज्ञानिक जल विज्ञान अनुसंधान समिति, सीएसआईआर (1968-1975); सदस्य, समय और आवृत्ति परियोजना, रेडियो और दूरसंचार अनुसंधान समिति, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, नई दिल्ली (1970-1972); रेडियो भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स में उन्नत अध्ययन केंद्र, कलकत्ता विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ सदस्य, (1969-1976); सदस्य, भारतीय भौतिकी एसोसिएशन; सदस्य, भारतीय एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी; सदस्य, भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन तथा गुजरात विश्वविद्यालय और केरल विश्वविद्यालय में भौतिकी में स्नातकोत्तर अध्ययन हेतु शिक्षक भी रहे। वे अंतरिक्ष अनुसंधान हेतु भारतीय राष्ट्रीय समिति के सदस्य सचिव (1971-1981) और अध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी ऑफ फोटो इंटरप्रिटेशन एंड रिमोट सेंसिंग सोसायटी और सुदुर संवेदन (1981-1983) थे।

वैज्ञानिक सचिव, इसरो के रूप में, वे इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यों, योजना, प्रोग्रामिंग, समन्वयकर्ता, समीक्षाकर्ता के प्रभारी रहे, और इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यक्रमों, विदेशी सहयोग आदि का निरीक्षण किया। वे 1979-1980 तक मॉनेक्स परियोजना के इसरो घटक के परियोजना निदेशक भी थे ।

उनकी वैज्ञानिक रूचि सुदूर संवेदन, उपग्रह भूगणित और अंतरिक्ष मौसमविज्ञान में थी ।