हमारे निदेशक

तपन मिश्रा
विशिष्ट वैज्ञानिक
निदेशक, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र



आपका जन्म सन् 1961 में रायगढ़, उड़ीसा में हुआ। आपने सन् 1984 में जाधवपुर विश्वविद्यालय, कलकत्ता से इलेक्ट्रानिकी एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि अर्जित की। सन् 1981 में आपको प्रतिष्ठित सर जे.सी. बोस राष्ट्रीय प्रतिभा खोज (जेबीएनएसटीएस) स्कॉलरशिप से सम्मानित किया गया।

सन् 1984 से आप अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक-इसरो), अहमदाबाद में सूक्ष्मतरंग सुदूर संवेदन नीतभारों के विकास में कार्य कर रहे हैं। आपने एक्स-बैंड एसएलएआर के त्वरित अवलोकन प्रदर्शन प्रणाली के विकास में डिजीटल हार्डवेयर अभियंता के रूप में अपना कैरियर शुरू किया।

आप पूर्ण गति प्रतिपूरण कार्यान्वित सी-बैंड वायुवाहित एसएआर (एएसएआर) को डिजाइन एवं विकसित करने वाले दल में अग्रणी सदस्य थे। आपने सन् 1990 में जर्मन अंतरिक्ष एजेंसी (डीएलआर) में अतिथि वैज्ञानिक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान एसएआर के वास्तविक काल प्रसंस्करण हेतु एफएफटी आधारित वास्तविक काल उप-द्वारक (एफएफटी-आरटीएस) कलनविधि विकसित की।

सन् 1995-1999 के दौरान, आईआरएस-पी4 के लिए बहु-आवृत्ति क्रमवीक्षण सूक्ष्मतरंग विकिरणमापी (एमएसएमआर) नीतभार की प्रणाली अभियांत्रिकी के परियोजना प्रबंधक के रूप में, आपने एमएसएमआर नीतभार हेतु प्रणाली डिजाइन, अनुकरण, समाकलन, चैक-आउट, एवं भूमि अंशांकन के क्षेत्र में प्रमुख योगदान दिया। आपने एमएसएमआर नीतभार के भूमि अभिलक्षणन हेतु निम्नतापीय ब्लैकबॉडी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आपने सन् 2005-2006 में डीएमएसएआर (आपदा प्रबंधन हेतु एसएआर) नामक बहु-विभेदन, बहु-प्रमार्ज वायुवाहित एसएआर प्रणाली को विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया। आपने ओशनसैट-2 के प्रकीर्णनमापी नीतभार के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई, जिसे सन् 2009 में प्रमोचित किया गया और यह विश्वस्तर पर मौसमविज्ञान समुदाय को अमूल्य पवन सदिश डेटा उपलब्ध करा रहा है।

आप सक्रिय ऐंटेना संकल्पना पर आधारित सी-बैंड एसएआर नीतभार के विकास में अग्रणी डिजाइनर हैं। आपके नेतृत्व का परिणाम एमएमआईसी, टीआर मॉड्यूल, लघुकृत स्पंदित विद्युत आपूर्ति, एवं एएसआईसी आधारित टीआर नियंत्रकों जैसे आरआईसैट हेतु आवश्यक क्रांतिक प्रौद्योगिकी तत्त्वों के विकास में भारतीय उद्योग की सहभागिता के रूप में सामने आया। सन् 2012 में प्रमोचित यह नीतभार वर्तमान में कार्यरत है। आप इसरो मुख्यालय, बेंगलूरु में इसरो के नवाचार प्रबंधन कार्यालय के प्रमुख हैं।

आपने सूक्ष्मतरंग सुदूर संवेदक क्षेत्र के उप निदेशक के रूप में कार्य किया और एनआई-एसएआर हेतु डीबीएफ आधारित एस-बैंड एसएआर, एल बैंड-एसएआर, अति दक्ष उच्च विभेदन एक्स-बैंड एसएआर, एमएम-तरंग ध्वनित्र एवं उन्नत प्रकीर्णनमापी जैसी भविष्योन्मुखी सुदूर संवेदन प्रणालियां विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया।

आपको एसएआर प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान के लिए सन् 2004 में हरि ओम आश्रम प्रेरित विक्रम साराभाई अनुसंधान पुरस्कार एवं सन् 2008 में इसरो योग्यता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपको रुचि प्रतिभा फाउंडेशन, कटक द्वारा “रुचि भारत गौरव सम्मान -2015” सम्मानित किया गया। आपको पल्मोकेयर संस्थान तथा अनुसंधान संस्थान, कोलकाता द्वारा वर्ष 2016 में “सप्तम आचार्य पी.सी. राय स्मृति पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। आपको जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता द्वारा ‘विज्ञान में डॉक्टर की उपाधि (ऑनरिस कोसा)’ प्रदान की गई है।आपको जाधवपुर विश्वविधालय,कोलकाता से “विशिष्ट पूर्व छात्र” के रूप सम्मनित किया गया ।

आप निम्नलिखित के रुप में चुने गए हैं : -
क. 2007 में भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी का अध्येता
ख. 2008 में अंतर्राष्ट्रीय खगोलविज्ञान अकादमी के संबद्ध सदस्य
ग. 2016 में वैद्युतिकीय एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी संस्थान के अध्येता
घ. 2016 में भारतीय सुदूर संवेदन सोसाइटी के अध्येता

आपके नाम पर 2 अनुदानित पेटेंट, 6 लंबित पेटेंट, 5 कॉपीराइट एवं 25 से अधिक आलेख हैं।